Monday, 10 April 2017

12 th history notes in hindi

Hello friends,,

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Important question ( 8 marks ) 



प्रश्न : - बँटवारे के दिनों में औरतों के क्या अनुभव रहे ? वर्णन कीजिए l


उत्तर : -    पिछले कुछ दशक से इतिहासकारों ने बँटवारे के समय आम लोगो को होने वाले अनुभवों की पड़ताल की तो उसमें कई विद्वानों ने उस समय के हिंसक दौर में स्त्रीयों के कड़वे अनुभवों के बारे में लिखा है l जिसे निम्नलिखित पंक्तियों द्वारा समझा जा सकता है :- 


औरतों के साथ बरताव...


1.) बँटवारे  के  दौरान औरतो को अगवा किया गया , उनके साथ बलात्कार हुए तथा बार बार उन्हें खरीदा - बेचा गया l


2.) औरतों को अनजान हालात में अनजान लोगों के साथ एक नयी जिन्दगी बिताने के लिए मजबूर किया गया l


इज्जत की रक्षा ...


.कई विद्वानों ने इस बात पर प्रकाश डाला की इस भीषण शारीरिक और मनोवैज्ञानिक खतरे के काल में किस तरह समुदाय की इज्जत बचाने की सोच भी एक अहम भूमिका अदा कर रही थी l


3.) कई बार जब पुरषों को यह भय होता था की उनकी औरतों - बीवी, बेटी , बहन - को दुश्मन नापाक कर सकता है तो वे औरतों को ही मार डालते थे l


4.)इसी तर्ज पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया  रावलपिंडी जिले में थुआ खालसा गाँव मे बतातें हैं कि बँटवारे के समय सिक्खों के इस गाँव की 90 औरतों ने दुश्मनों के हाथों में पड़ने की बजाय अपनी मर्जी से कुएँ में कूदकर अपनी जान दे दी थी l


औरतों की बरामदगी...


4.) औरतों ने जो कुछ भुगता था उसके गहरे सदमें के बावजूद बदले हुए हालात में कुछ औरतों ने अपने नए पारिवारिक बंघन विकसित किए l


5.) इस पर भी भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने इनसानी संबंधों की जटिलता के बारे में कोई संवेदनशील रवैया नहीं अपनाया उन्होने बहुत सारी औरतों को जबरन घर बैठा ली गई मानते हुए उन्हें उनके नए परिवारों से छीनकर दोबारा पुराने परिवारों या स्थानों पर भेज दिया गया l जिन औरतों के बारे में फैसले लिए जा रहे थे उनसे इस बार भी सलाह नहीं ली गई l अपनी जिंदगी के बारे में फैसला लेने के उनके अधिकार को एक बार फिर नजरअंदाज कर दिया गया l.



ALL THE BEST....

Sunday, 9 April 2017

12 th history important question :

Hello friends,,

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प्रश्न :-  स्पष्ट कीजिए कि कृष्णदेव राय की मृत्यु का विजयनगर साम्राज्य पर क्या प्रभाव पडा़ ? 


उत्तर :- कृष्णदेव राय की मृत्यु का विजयनगर साम्राज्य पर निम्नलिखित प्रभाव पडा़ :-




1). कृष्णदेव की मृत्यु के पश्चात् 1529 मे राजकीय ढांचे में तनाव उत्पन्न होने लगा था  l


2). उसके उत्तराधिकारीयों को विद्रोही नायकों या सेनापतियों से चुनौती का सामना करना पडा़ l


3). मुस्लिम राज्यों और विजयनगर के बीच लगातार संघर्ष होते रहने से यह जन - धन की क्षति उठाते - उठाते कमजोर पड़ चुका था l


4). शासकों ने सीमा सुरक्षा पर विशेष ध्यान नही दिया l यह उनकी सबसे बड़ी भूल थी l इससे राज्य पर खतरा बढ़ गया l


5). 1565 में विजयनगर की सेना प्रधानमंत्री रामराय के नेतृत्व में राक्षसी - तांगडी़  (तालीकोटा ) के युध्द में बुरी तरह हार गई जिससे यह राज्य पतन की ओर चल पडा़ l 



ALL THE BEST...